intizaar-e-deed men yuñ aankh patharaai ki bas | इंतिज़ार-ए-दीद में यूँँ आँख पथराई कि बस

  - Gawwas Qureshi
इंतिज़ार-ए-दीदमेंयूँँआँखपथराईकिबस
मरतेमरतेवोहुईआलममेंरुस्वाईकिबस
देखकरशबनमकीहालतहँसपड़ीनौ-रस-कली
दो-घड़ीपत्तोंपेरहकरइतनाइतराईकिबस
दिलकीधड़कनबढ़गईआँखोंमेंआँसूगए
इकज़रासीबातपरइतनीहँसीआईकिबस
मौतकोभीमरनेवालेपरतरसहीगया
इसतरहचढ़तीजवानीमेंक़ज़ाआईकिबस
बातकैसीअबतोहोंटोंपरहैआहोंकाहुजूम
चोटखानेपरभीऐसीचोटपरखाईकिबस
तौबाकरनेकोतोकरलीहज़रत-ए-'ग़व्वास'ने
यक-ब-यकगर्दूंपेवोकालीघटाछाईकिबस
  - Gawwas Qureshi
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