yuñ zindagi ke li.e be-qaraar hain ham log | यूँँ ज़िंदगी के लिए बे-क़रार हैं हम लोग

  - Ganesh Gaikwad Aaghaz
यूँँज़िंदगीकेलिएबे-क़रारहैंहमलोग
शिकायतोंकेलिएशर्मसारहैंहमलोग
अभीकिसीकीनज़रसेरिहाहुएहैंहम
अभीकिसीकीनज़रमेंफ़रारहैंहमलोग
छुपारहेहैंग़मोंकोयूँँमुस्कुराकरहम
नईसदीकेनएइश्तिहारहैंहमलोग
शुमारयूँँतोहमाराकहींनहींलेकिन
सभीयेकहतेहैंकिबे-शुमारहैंहमलोग
बिखररहेहैंअभीहमसँवररहेहैंअभी
कभीहैंख़ुशतोकभीसोगवारहैंहमलोग
चुकारहेहैंअभीक़िस्त-ए-आरज़ूकोहम
यूँँहसरतोंकेअभीक़र्ज़-दारहैंहमलोग
महकरहीहैंफ़ज़ाएँअभीपसीनेसे
नईउमीदकीफ़स्ल-ए-बहारहैंहमलोग
  - Ganesh Gaikwad Aaghaz
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