dikha ke apni haseen aan-baan pal bhar men | दिखा के अपनी हसीं आन-बान पल भर में

  - G R Kanwal
दिखाकेअपनीहसींआन-बानपलभरमें
वोदूरकरगयामेरीथकानपलभरमें
बग़ैरआगलगाएभीकुछहसीनोंने
जलादिएहैंकईजिस्म-ओ-जानपलभरमें
तमामलोगइसीडरमेंमररहेहैंयहाँ
बिछड़जाएँज़मींआसमानपलभरमें
नमाज़-ए-इश्क़भीपढ़तावोकाशरुकजाता
जोदेगयामिरेदिलमेंअज़ानपलभरमें
वोबे-ज़बानथालेकिनयेवाक़िआ'है'कँवल'
सुनागयाहैकोईदास्तानपलभरमें
  - G R Kanwal
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