aayi hai kuchh na pooch qayamat kahaan kahaan | आई है कुछ न पूछ क़यामत कहाँ कहाँ

  - Firaq Gorakhpuri
आईहैकुछपूछक़यामतकहाँकहाँ
उफ़लेगईहैमुझकोमोहब्बतकहाँकहाँ
बेताबी-ओ-सुकूँकीहुईंमंज़िलेंतमाम
बहलाएँतुझसेछुटकेतबीअ'तकहाँकहाँ
फ़ुर्क़तहोयाविसालवहीइज़्तिराबहै
तेराअसरहैग़म-ए-फ़ुर्क़तकहाँकहाँ
हरजुम्बिश-ए-निगाहमेंसद-कैफ़बे-ख़ुदी
भरतीफिरेगीहुस्नकीनिय्यतकहाँकहाँ
राह-ए-तलबमेंछोड़दियादिलकासाथभी
फिरतेलिएहुएयेमुसीबतकहाँकहाँ
दिलकेउफ़क़तकअबतोहैंपरछाइयाँतिरी
लेजाएअबतोदेखयेवहशतकहाँकहाँ
नर्गिस-ए-सियाहबतादेतिरेनिसार
किसकिसकोहैयेहोशयेग़फ़लतकहाँकहाँ
नैरंग-ए-इश्क़कीहैकोईइंतिहाकिये
येग़मकहाँकहाँयेमसर्रतकहाँकहाँ
बेगानगीपरउसकीज़मानेसेएहतिराज़
दर-पर्दाउसअदाकीशिकायतकहाँकहाँ
फ़र्क़गयाथादौर-ए-हयात-ओ-ममातमें
आईहैआजयादवोसूरतकहाँकहाँ
जैसेफ़नाबक़ामेंभीकोईकमीसीहो
मुझकोपड़ीहैतेरीज़रूरतकहाँकहाँ
दुनियासेदलइतनीतबीअ'तभरीथी
तेरेलिएउठाईनदामतकहाँकहाँ
अबइम्तियाज़-ए-इश्क़-ओ-हवसभीनहींरहा
होतीहैतेरीचश्म-ए-इनायतकहाँकहाँ
हरगामपरतरीक़-ए-मोहब्बतमेंमौतथी
इसराहमेंखुलेदर-ए-रहमतकहाँकहाँ
होश-ओ-जुनूँभीअबतोबसइकबातहैं'फ़िराक़'
होतीहैउसनज़रकीशरारतकहाँकहाँ
  - Firaq Gorakhpuri
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