मेरेरश्क-ए-क़मरतूनेपहलीनज़रजबनज़रसेमिलाईमज़ाआगया
बर्क़सीगिरगईकामहीकरगईआगऐसीलगाईमज़ाआगया
जाममेंघोलकरहुस्नकीमस्तियाँचाँदनीमुस्कुराईमज़ाआगया
चाँदकेसाएमेंऐमिरेसाक़ियातूनेऐसीपिलाईमज़ाआगया
नश्शाशीशेमेंअंगड़ाईलेनेलगाबज़्म-ए-रिंदाँमेंसाग़रखनकनेलगा
मय-कदेपेबरसनेलगींमस्तियाँजबघटाघिरकेआईमज़ाआगया
बे-हिजाबानावोसामनेआगएऔरजवानीजवानीसेटकरागई
आँखउनकीलड़ीयूँँमिरीआँखसेदेखकरयेलड़ाईमज़ाआगया
आँखमेंथीहयाहरमुलाक़ातपरसुर्ख़आरिज़हुएवस्लकीबातपर
उसनेशर्माकेमेरेसवालातपेऐसेगर्दनझुकाईमज़ाआगया
शेख़-साहबकाईमानबिकहीगयादेखकरहुस्न-ए-साक़ीपिघलहीगया
आजसेपहलेयेकितनेमग़रूरथेलुटगईपारसाईमज़ाआगया
ऐ'फ़ना'शुक्रहैआजबाद-ए-फ़नाउसनेरखलीमिरेप्यारकिआबरू
अपनेहाथोंसेउसनेमिरीक़ब्रपेचादर-ए-गुलचढ़ाईमज़ाआगया