mire rashk-e-qamar tu ne pahli nazar jab nazar se milaai mazaa aa gaya | मेरे रश्क-ए-क़मर तू ने पहली नज़र जब नज़र से मिलाई मज़ा आ गया

  - Fana Bulandshahri
मेरेरश्क-ए-क़मरतूनेपहलीनज़रजबनज़रसेमिलाईमज़ागया
बर्क़सीगिरगईकामहीकरगईआगऐसीलगाईमज़ागया
जाममेंघोलकरहुस्नकीमस्तियाँचाँदनीमुस्कुराईमज़ागया
चाँदकेसाएमेंमिरेसाक़ियातूनेऐसीपिलाईमज़ागया
नश्शाशीशेमेंअंगड़ाईलेनेलगाबज़्म-ए-रिंदाँमेंसाग़रखनकनेलगा
मय-कदेपेबरसनेलगींमस्तियाँजबघटाघिरकेआईमज़ागया
बे-हिजाबानावोसामनेगएऔरजवानीजवानीसेटकरागई
आँखउनकीलड़ीयूँँमिरीआँखसेदेखकरयेलड़ाईमज़ागया
आँखमेंथीहयाहरमुलाक़ातपरसुर्ख़आरिज़हुएवस्लकीबातपर
उसनेशर्माकेमेरेसवालातपेऐसेगर्दनझुकाईमज़ागया
शेख़-साहबकाईमानबिकहीगयादेखकरहुस्न-ए-साक़ीपिघलहीगया
आजसेपहलेयेकितनेमग़रूरथेलुटगईपारसाईमज़ागया
'फ़ना'शुक्रहैआजबाद-ए-फ़नाउसनेरखलीमिरेप्यारकिआबरू
अपनेहाथोंसेउसनेमिरीक़ब्रपेचादर-ए-गुलचढ़ाईमज़ागया
  - Fana Bulandshahri
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