ghar se tumhaari dii hui cheezen nikaal den | घर से तुम्हारी दी हुई चीज़ें निकाल दें

  - Fakhr Abbas
घरसेतुम्हारीदीहुईचीज़ेंनिकालदें
जैसेख़ुदअपनेजिस्मसेसाँसेंनिकालदें
देखाबसइकदफ़ाउसेमैंनेक़रीबसे
फिरअहल-ए-शहरनेमिरीआँखेंनिकालदीं
हैरतहैउसनेक़ैदभीख़ुदहीकियामुझे
फिरख़ुदमिरेफ़रारकीराहेंनिकालदीं
कुछउसनेभीसहेलियोंकेमुँहसेसुनलिया
कुछमेरेदोस्तोंनेभीबातेंनिकालदीं
इकपलमेंख़त्महोगईउम्र-ए-तवीलभी
जबज़िंदगीसेहिज्रकीरातेंनिकालदीं
जानेवोकिसकेवास्तेलिखीगईंदोस्त
मैंनेमुसव्वदेसेजोनज़्मेंनिकालदीं
  - Fakhr Abbas
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