bijli si ik aur giraa dii zalim ne | बिजली सी इक और गिरा दी ज़ालिम ने

  - Fakhr Abbas
बिजलीसीइकऔरगिरादीज़ालिमने
ज़ब्तकीसारीखेपजलादीज़ालिमने
पहलीसेमैंजानछुड़ाताफिरताथा
आजनईतस्वीरलगादीज़ालिमने
दिलआँखोंकेसाथहीबाहरआयाहै
इतनीइसकीप्यासबढ़ादीज़ालिमने
दुपट्टेकापर्दाभीनहींरक्खाआज
पाबंदीइकऔरउठादीज़ालिमने
उसकेआगेबातभीकरनामुश्किलहै
होंटोंपरभीमोहरलगादीज़ालिमने
इश्क़मेंऐसीचोटलगाईसीनेपर
ग़ज़लोंकीतकमीलकरादीज़ालिमने
  - Fakhr Abbas
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