zamaana chahta hai har-gha | ज़माना चाहता है हर-घड़ी बस नित-नई बातें

  - Fakhira batool
ज़मानाचाहताहैहर-घड़ीबसनित-नईबातें
नएदिनऔरनईशा
मेंनईसुब्हेंनईरातें
नईक़स्मेंनएवादेनएरिश्तेनएनाते
पुरानेजोभीक़िस्सेथेवोअबउसकोनहींभाते
मैंख़ुदलफ़्ज़ोंकीमिसरोंकीबहमतकरारसेजानाँ
बहुतउक्तागईथीअब
तोमैंनेयूँँकियालफ़्ज़ोंकोमिसरोंको
लपेटासुर्ख़काग़ज़में
फिरउनकोमनमेंरक़्साँआगदिखलादी
हवामेंराखकेउड़तेहुएज़र्रोंनेजबपूछा
करेगीक्या
सुनेगीक्याकहेगीक्या
तिरादामनतोख़ालीहै
कहामैंने
मुझेअबकुछनहींकरना
मुझेअबकुछनहींसुननामुझेअबकुछनहींकहना
कहानीओढ़लीमैंने
  - Fakhira batool
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