jaane kya soch ke us ne sitam ijaad kiya | जाने क्या सोच के उस ने सितम ईजाद किया

  - Faiz ul Hasan Khayal
जानेक्यासोचकेउसनेसितमईजादकिया
ख़ुदभीबर्बादहुआमुझकोभीबर्बादकिया
शम्अ'कीतरहजलेहमतिरीमहफ़िलमेंमगर
तूनेकिसवक़्तहमेंकौनसीशबयादकिया
जुम्बिश-ए-लबकीइजाज़तहैइज़्न-ए-परवाज़
किसलिएतूनेमुझेक़ैदसेआज़ादकिया
शुक्रहैतूनेमुझेदर्दकेक़ाबिलसमझा
तेरीपैमाँ-शिकनीनेमिरादिलशादकिया
हाएउसशख़्सकीख़ातिर-शिकनीहोतीहै
जिसनेअपनेकोतिरीयादमेंबर्बादकिया
अपनीबर्बादीपेनाज़ाँभीहूँहैरानभीहूँ
शमएँरौशनहुईंजबमैंनेतुझेयादकिया
तुझकोयेनाज़कितोख़ालिक़-ए-नग़्माहै'ख़याल'
मुझकोयेफ़ख़्रकितूनेमुझेबर्बादकिया
  - Faiz ul Hasan Khayal
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