ha | हमें तो साहिल-ए-दरिया की प्यास होना था

  - Faiz
हमेंतोसाहिल-ए-दरियाकीप्यासहोनाथा
सुकूत-ए-हिज्रकाइकग़म-शनासहोनाथा
खुलाहैइसतरहअबकेनईरुतोंकाभरम
ज़मींकोइतनाकहाँबे-लिबासहोनाथा
उन्हेंभीवक़्तनेपत्थरबनादियाजिनको
हमारेअहदकाआदम-शनासहोनाथा
पहनकेमुझकोएकरोज़तमन्नाकालिबास
लहूलहूकोईतस्वीर-ए-यासहोनाथा
भटकरहेहोकहाँदोस्तअपनेमरकज़से
तुम्हेंतो'फ़ैज़'केदिलकेहीपासहोनाथा
  - Faiz
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