sabhi kuchh hai teraa diya hua sabhi raahatein sabhi kulphatein | सभी कुछ है तेरा दिया हुआ सभी राहतें सभी कुल्फ़तें

  - Faiz Ahmad Faiz
सभीकुछहैतेरादियाहुआसभीराहतेंसभीकुल्फ़तें
कभीसोहबतेंकभीफ़ुर्क़तेंकभीदूरियाँकभीक़ुर्बतें
येसुख़नजोहमनेरक़मकिएयेहैंसबवरक़तिरीयादके
कोईलम्हासुब्ह-ए-विसालकाकोईशाम-ए-हिज्रकीमुद्दतें
जोतुम्हारीमानलेंनासेहातोरहेगादामन-ए-दिलमेंक्या
किसीअदूकीअदावतेंकिसीसनमकीमुरव्वतें
चलोआओतुमकोदिखाएँहमजोबचाहैमक़्तल-ए-शहरमें
येमज़ारअहल-ए-सफ़ाकेहैंयेहैंअहल-ए-सिद्क़कीतुर्बतें
मिरीजानआजकाग़मकरकिजानेकातिब-ए-वक़्तने
किसीअपनेकलमेंभीभूलकरकहींलिखरखीहोंमसर्रतें
  - Faiz Ahmad Faiz
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