humeen se apni nava ham-kalaam hoti rahi | हमीं से अपनी नवा हम-कलाम होती रही

  - Faiz Ahmad Faiz
हमींसेअपनीनवाहम-कलामहोतीरही
येतेग़अपनेलहूमेंनियामहोतीरही
मुक़ाबिल-ए-सफ़-ए-आदाजिसेकियाआग़ाज़
वोजंगअपनेहीदिलमेंतमामहोतीरही
कोईमसीहाईफ़ा-ए-अहदकोपहुँचा
बहुततलाशपस-ए-क़त्ल-ए-आमहोतीरही
येबरहमनकाकरमवोअता-ए-शैख़-ए-हरम
कभीहयातकभीमयहरामहोतीरही
जोकुछभीबनपड़ा'फ़ैज़'लुटकेयारोंसे
तोरहज़नोंसेदुआ-ओ-सलामहोतीरही
  - Faiz Ahmad Faiz
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