mujh par nishaan lagaaiye pahle sawaa | मुझ पर निशाँ लगाइए पहले सवालिए

  - Faisal Nadeem Faisal
मुझपरनिशाँलगाइएपहलेसवालिए
फिरमसअलोंकोखोलिएऔरहलनिकालिए
जज़्बातसकेहैंकभीइख़्तियारमें
आँखोंकीफ़िक्रछोड़िएदिलकोसँभालिए
वहशतनेमेरीनींदपेपहरेलगादिए
कुछख़्वाबमेरीआँखकीजानिबउछालिए
वहम-ओ-गुमाँउतारकेफेंकेहैंऔरफिर
हमनेयक़ींकीऊनसेख़िरक़ेसिलालिए
कमपड़रहाथापहलेहीकश्कोल-ए-ज़िंदगी
औरहमनेअपनीज़ातकेग़मभीउठालिए
कुछलोगगाँवछोड़केशहरोंमेंजाबसे
बाक़ीकोइंतिज़ारकीदीमकनेखालिए
'फ़ैसल'वोफिरभीआँखपेज़ाहिरनहींहुआ
पर्देभीदरमियानसेसारेउठालिए
  - Faisal Nadeem Faisal
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