kuchh aisa rabt musalsal raha shu'ur se bhi | कुछ ऐसा रब्त मुसलसल रहा शुऊ'र से भी

  - Faisal Nadeem Faisal
कुछऐसारब्तमुसलसलरहाशुऊ'रसेभी
किख़ौफ़आनेलगाइश्क़केवफ़ूरसेभी
वोशश-जहातसेयकसाँदिखाईदेताहै
उसेक़रीबसेदेखाहैऔरदूरसेभी
हमाराइश्क़हक़ीक़तमेंग़ार-ए-सौर-ओ-हिरा
अगरचेख़ासअक़ीदतहमेंहैतूरसेभी
सुनाहैख़ासतअ'ल्लुक़हैख़ारजियतका
हमारीज़ातकेकुछदाख़लीउमूरसेभी
तभीतोज़ेहनपेहावीहैइश्क़-ए-सहराई
अज़लसेदिलकेमरासिमरहेखजूरसेभी
येऔरबातहैमानोकिइख़्तिलाफ़करो
निशानियाँतोहज़ारोंमिलींज़बूरसेभी
लहूमेंरक़्स-कुनाँइश्क़हैमिरे'फ़ैसल'
जुड़ाहुआहैकोईसिलसिलाक़ुसूरसेभी
  - Faisal Nadeem Faisal
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