intizaar us ka kar bhi sakte ho | इंतिज़ार उस का कर भी सकते हो

  - Faisal Imtiyaz Khan
इंतिज़ारउसकाकरभीसकतेहो
करकेवा'दामुकरभीसकतेहो
तुमअगरघरमेंनहींसकते
मेरेघरसेगुज़रभीसकतेहो
तुमनेपत्थरसेदिललगायाहै
आइनाहोबिखरभीसकतेहो
मुझेहरलम्हाक्यूँसतातेहो
दुनियावालोसुधरभीसकतेहो
मिलनेजानाहैतुझकोकल'फ़ैसल'
आजकीशाममरभीसकतेहो
  - Faisal Imtiyaz Khan
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