hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Faisal Hashmi
jism ki aag kahaan bujhti hai
jism ki aag kahaan bujhti hai | जिस्म की आग कहाँ बुझती है
- Faisal Hashmi
जिस्म
की
आग
कहाँ
बुझती
है
लोग
किस
वक़्त
मोहब्बत
का
नशा
सूँघते
हैं
कितने
टुकड़ों
में
बिखरते
हैं
वो
और
फिर
जोड़ते
हैं
एक
इक
कर
के
बदन
के
आ'ज़ा
और
यही
कहते
हैं
ख़ाक
के
क़ुर्ब
की
बेताब
कशिश
एक
बे-फ़ैज़
सी
सर-गर्मी
है
जिस्म
से
आगे
की
मंज़िल
नहीं
देखी
हम
ने
- Faisal Hashmi
मैंने
ख़्वाबों
में
भी
तेरे
जिस्म
की
ख़्वाहिश
न
रक्खी
गर
तुझे
यूँँ
प्यार
कोई
और
कर
पाए
तो
कहना
Harsh saxena
Send
Download Image
12 Likes
तुमने
कैसे
उसके
जिस्म
की
ख़ुशबू
से
इनकार
किया
उस
पर
पानी
फेंक
के
देखो
कच्ची
मिट्टी
जैसा
है
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
102 Likes
कभी
देखा
नहीं
जिसने
बदन
के
आगे
कुछ
भी
भला
वो
क्यूँ
मुहब्बत
जावेदाना
ढूँढता
है
Chandan Sharma
Send
Download Image
0 Likes
वो
लोग
हम
ही
थे
मुहब्बत
में
जो
फिर
आगे
हुए
वो
लोग
हम
ही
थे
मियाँ
जो
दूर
भागे
जिस्म
से
Kartik tripathi
Send
Download Image
7 Likes
जब
से
तूने
ये
बोला
था
"बदन
का
क्या
है
मिट्टी
है"
तब
से
तेरी
पीठ
पे
मुझको
हरसिंगार
उगाने
थे
Siddharth Saaz
Send
Download Image
34 Likes
कुछ
इस
सलीक़े
से
माथे
पे
उसने
होंट
रखे
बदन
को
छोड़
के
सारी
थकन
को
चूम
लिया
Harsh saxena
Send
Download Image
5 Likes
सच
तो
ये
है
'मजाज़'
की
दुनिया
हुस्न
और
इश्क़
के
सिवा
क्या
है
Asrar Ul Haq Majaz
Send
Download Image
31 Likes
दिसंबर
की
सर्दी
है
उसके
ही
जैसी
ज़रा
सा
जो
छू
ले
बदन
काँपता
है
Amit Sharma Meet
Send
Download Image
33 Likes
दो
आँखें
हैं
दो
पलकें
हैं
जबीं
है
चूमने
ख़ातिर
बहुत
से
ज़ाविए
हैं
उस
बदन
में
देखने
लायक
Siddharth Saaz
Send
Download Image
31 Likes
हवा
चली
तो
उसकी
शॉल
मेरी
छत
पे
आ
गिरी
ये
उस
बदन
के
साथ
मेरा
पहला
राब्ता
हुआ
Zia Mazkoor
Send
Download Image
76 Likes
Read More
जब
ख़ाक
उड़ाता
हुआ
नींदों
का
सफ़र
हो
फिर
क्यूँ
न
किसी
और
ही
दुनिया
से
गुज़र
हो
वो
मेरे
बराबर
से
निकल
आया
था
वर्ना
दीवार
न
थी
ऐसी
कि
जिस
में
कोई
दर
हो
मैं
जिस्म
से
गुज़रा
हूँ
यही
सोच
के
अक्सर
शायद
कि
तिरी
रूह
का
इस
राह
में
घर
हो
ये
कैसी
तमन्ना
है
कि
इस
दश्त
में
'फ़ैसल'
दरिया
हो
किनारा
हो
सफ़ीना
हो
भँवर
हो
Read Full
Faisal Hashmi
Download Image
0 Likes
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Taj Mahal Shayari
Aansoo Shayari
Phool Shayari
Tanz Shayari
Maut Shayari