samajh raha tha main ye din guzarne vaala nahin | समझ रहा था मैं ये दिन गुज़रने वाला नहीं

  - Faheem Shanas Kazmi
समझरहाथामैंयेदिनगुज़रनेवालानहीं
खुलाकिकोईभीलम्हाठहरनेवालानहीं
कोईभीरस्ताकिसीसम्तकोनहींजाता
कोईसफ़रमिरीतकमीलकरनेवालानहीं
हवाकीअब्रकीकोशिशतोपूरीपूरीहै
मगरधुवेंकीतरहमैंबिखरनेवालानहीं
मैंअपने-आपकोबसएकबारदेखूँगा
फिरइसकेब'अदकिसीसेभीडरनेवालानहीं
चराग़-ए-जाँलिएकिसदश्तमेंखड़ाहूँमैं
कोईभीक़ाफ़िलायाँसेगुज़रनेवालानहीं
मैंक्याकरूँँकोईतस्वीरगरअधूरीहै
मैंअपनेरंगतोअबउसमेंभरनेवालानहीं
  - Faheem Shanas Kazmi
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