jin dinon | जिन दिनों

  - Ekram Khawar
जिनदिनों
मैंअपनीतन्हाईकानौहालिखरहाथा
बस्तियाँआबादथींरौनक़भरीथीशाम
औरजाड़ागुलाबी
ताज़ाताज़ाशहरमेंदाख़िलहुआथा
जिनदिनोंमैं
पा-प्यादाऔरफिरसदाज़बाँमें
सोज़-हा-ए-अंदरूँकेक़िस्सा-ए-पारीनाकीतफ़्सीलमेंता'बीरमें
उलझाहुआथा
भेड़ियेआज़ादथे
औरएकक़ातिलराग
बजाताजारहाथा
ख़ूब-तरसेख़ूब-तरथा
क़त्लकानग़्मा
जिसनेजोसमझावहीतारीख़थी
ख़्वाजा-सरा-ए-शहरदारुस्सलतनतमें
कर्बलाकेहुज़्नमें
एकवहशियानारक़्सकीतख़्लीक़मेंमसरफ़था
औरसबतमाशाईसभीमक़्तूलसारे
दम-ब-ख़ुदमबहूतख़ामोशीसेसुनतेजारहेथे
औरमौसीक़ीसेलग-भगना-बलदहरशख़्स
अगलीसफ़मेंबैठा
तालकीहरगतपरहरझंकारपे
बेहालहोताजारहाथा
एकक़ातिलऔरसुरीलाराग
बजाताजारहाथा
  - Ekram Khawar
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