abhii tamaam aainon men zarra zarra aab hai | अभी तमाम आइनों में ज़र्रा ज़र्रा आब है

  - Ejaz Obaid
अभीतमामआइनोंमेंज़र्राज़र्राआबहै
येकिसनेतुमसेकहदियाकिज़िंदगीख़राबहै
जानेआजहमपेप्यासकायेकैसाक़हरहै
किजिसतरफ़भीदेखिएसराबहीसराबहै
हरएकराहमेंमिटेमय-ए-नुक़ूश-ए-आरज़ू
हरइकतरफ़थकीथकीसीरहगुज़ारख़्वाबहै
कभीदिलकेसागरोंमेंतुमउतरसकेमगर
मिरेलिएमिरावजूदइकखुलीकिताबहै
हरएकसम्तरेतरेतपरहवाकेनक़्शहैं
यहाँतोदश्तदश्तमेंहवाओंकाअज़ाबहै
  - Ejaz Obaid
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