naseem-e-subh to kya tund-khoo hawa bhi nahin | नसीम-ए-सुब्ह तो क्या तुंद-ख़ू हवा भी नहीं

  - Ehsan Nanparwi
नसीम-ए-सुब्हतोक्यातुंद-ख़ूहवाभीनहीं
येक्यासितमहैकिवोमुझसेअबख़फ़ाभीनहीं
फ़सुर्दाचेहरा-ए-गुलहैयेकैसामौसमहै
किगुल्सिताँमेंकोईशोख़ी-ए-सबाभीनहीं
कहाँमैंलायागयाहूँकोईअपनाग़ैर
इलाहीलुत्फ़-ए-हयात-ए-गुरेज़-पाभीनहीं
अजबहैहाल-ए-दिल-ए-ज़ारकिसज़बाँसेकहूँ
इलाज-ए-ज़ख़्म-ए-तमन्नातिरीअदाभीनहीं
ख़याल-ए-गर्मी-ए-मौज-ए-नफ़सकीशिद्दतसे
जलाहूँऐसाकिअबकोईसानेहाभीनहीं
इसीसेफ़ाशहुआज़िंदगीकासोज़-ए-दरूँ
मिरीख़मोश-निगाहीकिबे-नवाभीनहीं
  - Ehsan Nanparwi
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