इल्ममक़सदख़्वाबख़्वाहिशदर्दमैंसबपीगया
ज़हरपीजातामगरउसकोमेरारबपीगया
मुद्दतोंसेहोरहीथीप्यासकीमुझकोतलब
होशआयातबमुझेतेज़ाबमैंजबपीगया
मयकोमैंनेहाथअबतकतोलगायाथानहीं
बे-ख़ुदीमेंक्यापताफिरयारमैंकबपीगया
पूछनेआएहोमेराहालतुमइसवक़्तजब
ख़ूनतकअपनेबदनकादेखलोअबपीगया
क्याकरेंहमउसमदरसेकाअजीकुछबोलिए
जोतमीज़-ए-गुफ़्तगूजीनेकाभीढबपीगया
आजमैंहैरानहूँख़ुदकोहीज़िंदादेखकर
आख़िरीएहसासअपनामैंतोकलशबपीगया
मेज़बानीकाअलगअंदाज़थाउसका'नज़र'
अपनेहाथोंसेदियावोज़हरमैंतबपीगया