teri daawat men gar kh | तेरी दावत में गर खाना नहीं था

  - Dr. Rakesh Joshi
तेरीदावतमेंगरखानानहींथा
तुझेतम्बूभीलगवानानहींथा
मिराकुर्तापुरानाहोगयाहै
मुझेमहफ़िलमेंयूँँआनानहींथा
इमारतमेंलगालेताइसेमैं
मुझेपत्थरसेटकरानानहींथा
येमेराथासफ़रमैंनेचुनाथा
मुझेकाँटोंसेघबरानानहींथा
समझलेतामैंख़ुदहीबातउसकी
मुझेउसकोतोसमझानानहींथा
तुझेराजाबनादेतेकभीका
मगरअफ़्सोसतूकानानहींथा
छुपातेहमकहाँपरआँसुओंको
वहाँकोईभीतह-ख़ानानहींथा
मोहब्बततोइबादतथीकिसीदिन
फ़क़तजीकाहीबहलानानहींथा
जहाँपरयुद्धमेंशामिलथेसारे
वहाँतुमकोभीघबरानानहींथा
  - Dr. Rakesh Joshi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy