kuchh anokhe hain khel pyaar ke dekh | कुछ अनोखे हैं खेल प्यार के देख

  - Dr. Mohammad Jamal
कुछअनोखेहैंखेलप्यारकेदेख
जीतमक़्सूदहोतोहारकेदेख
हरतरफ़सुर्ख़ज़र्दनीलेफूल
ठाठयेमौसम-ए-बहारकेदेख
दर्दअख़्तर-शुमारीबेताबी
येनज़ारेभीइंतिज़ारकेदेख
तूनेनादाँउसेक़ुबूलकिया
अपनेकंधोंसेबोझउतारकेदेख
ग़ैरमुमकिनहैउनसेछुटकारा
सिलसिलेजब्र-ओ-इख़्तियारकेदेख
अपनेरबकोक़रीबपाएगा
तूकिसीदिनउसेपुकारकेदेख
लोगमजबूरजुब्बा-साईपर
शो'बदेसाहिब-ए-मज़ारकेदेख
पूछतेहैंकिक्यातिरीख़िदमात
कैसेनख़रेहैंअहल-ए-दारकेदेख
  - Dr. Mohammad Jamal
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