ik vo bhi din the darte the jab teergii se ham | इक वो भी दिन थे डरते थे जब तीरगी से हम

  - Dr. Mohammad Jamal
इकवोभीदिनथेडरतेथेजबतीरगीसेहम
घबरारहेहैंआजबहुतरौशनीसेहम
जीनेकीदेरहाहैदु'आचारा-गरहमें
मायूसहोगएहैंग़म-ए-ज़िंदगीसेहम
अच्छाहुआकितूनेहमेंअबभुलादिया
तंगगएथेयारतिरीदोस्तीसेहम
येज़िंदगीहैयाकिमुसलसलअज़ाबहै
दो-चारदिनगुज़ारपाएख़ुशीसेहम
पलभरमेंउल्फ़तेंहैंतोपलभरमेंनफ़रतें
कैसेनिभाएँहुस्नकीबाज़ीगरीसेहम
उम्मीदथीकिदेकेसदातुमबुलाओगे
गुज़रेथेबारबारतुम्हारीगलीसेहम
वैसेहमारेआगेमसाइलहज़ार-हा
हँसहँसकेमिलरहेहैंमगरहरकिसीसेहम
मरनेका'जमाल'हमेंडरहोकिसलिए
आएथेकबजहाँमेंकुछअपनीख़ुशीसेहम
  - Dr. Mohammad Jamal
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