ashk par zor kuchh chala hi nahin | अश्क पर ज़ोर कुछ चला ही नहीं

  - Dr. Azam
अश्कपरज़ोरकुछचलाहीनहीं
मैंनेरोकाबहुतरुकाहीनहीं
आतिशज़ेर-ए-पासबबवर्ना
ख़ाकसहराकीछानताहीनहीं
यातोसबकाख़ुदाहीसच्चाहै
यातोसच्चाकोईख़ुदाहीनहीं
ज़ेहनकहताहैसरझुकालेतू
दिलमगरहैकिमानताहीनहीं
बाल-ओ-परहोंक़वीतोक्याहासिल
जबउड़ानोंकाहौसलाहीनहीं
हाएमैंनेपस-ए-ग़लत-फ़हमी
वोसुनामैंनेजोकहाहीनहीं
मौतकाडरइसेदिखाएँक्या
ज़िंदारहनाजोचाहताहीनहीं
सिर्फ़एहसास-ए-कमतरीहैतुझे
औरतूहैकिमानताहीनहीं
मैंहीमैंबज़्ममेंरहामौजूद
औरमैंबज़्ममेंगयाहीनहीं
मेरीग़ीबतमेंवोभीहैंशामिल
आजतकजिनसेमैंमिलाहीनहीं
जोकिपहचानहोमिरी'आज़म'
शे'रऐसाकोईहुआहीनहीं
  - Dr. Azam
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