bichhad kar mil rahe hain sab purane yaar saalon ba'ad | बिछड़ कर मिल रहे हैं सब, पुराने यार सालों बा'द

  - Divy Kamaldhwaj
बिछड़करमिलरहेहैंसब,पुरानेयारसालोंबा'द
बदलकरभीनहींबदले,हैंयेमक्कारसालोंबा'द
अकेलाहैनिपटकोई,ज़मानेसेकटासाहै
तोकोईएकसेबढ़कर,हुआदो-चारसालोंबा'द
किसीकोमिलनहींपाया,कभीइज़हारकामौक़ा
अभीतकहैअधूराही,किसीकाप्यारसालोंबा'द
किसीमेंकुछनहींबदला,मगरहाँयेतोबदलाहै
मिरेसबयारअबलगते,हैंज़िम्मेदारसालोंबा'द
  - Divy Kamaldhwaj
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