दिलनहींहैनदिल-लगीहैअब
क्यूँँनज़रमेंयेबे-रुख़ीहैअब
इश्क़कीबातथीमगरछोड़ो
इश्क़कीबातअन-कहीहैअब
दिलनहींबोलतामेराकुछभी
येज़बाँरोज़बोलतीहैअब
थीमुझेइश्क़कीज़रूरतपर
इश्क़सेरूहकाँपतीहैअब
हिज्रकीरातआगईहैफिर
अश्कबहनातोलाज़मीहैअब
ख़ुदसेहीदूरहोरहाहूँमैं
क्याकहूँक्यूँँयेबे-ख़ुदीहैअब
लोगवादेनअबनिभातेहैं
इश्क़भीजैसेकाग़ज़ीहैअब
तूनहींहैयहाँमगरफिरभी
तूमुझेरोज़दिखरहीहैअब
मुस्कुरातानहींहैदिल'रावत'
दिलबताक्यूँँयेबे-दिलीहैअब