दिल नहीं है न दिल-लगी है अब

  - Divyansh Rawat
दिलनहींहैदिल-लगीहैअब
क्यूँँनज़रमेंयेबे-रुख़ीहैअब
इश्क़कीबातथीमगरछोड़ो
इश्क़कीबातअन-कहीहैअब
दिलनहींबोलतामेराकुछभी
येज़बाँरोज़बोलतीहैअब
थीमुझेइश्क़कीज़रूरतपर
इश्क़सेरूहकाँपतीहैअब
हिज्रकीरातगईहैफिर
अश्कबहनातोलाज़मीहैअब
ख़ुदसेहीदूरहोरहाहूँमैं
क्याकहूँक्यूँँयेबे-ख़ुदीहैअब
लोगवादेअबनिभातेहैं
इश्क़भीजैसेकाग़ज़ीहैअब
तूनहींहैयहाँमगरफिरभी
तूमुझेरोज़दिखरहीहैअब
मुस्कुरातानहींहैदिल'रावत'
दिलबताक्यूँँयेबे-दिलीहैअब
  - Divyansh Rawat
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