main apne gham chhupaane ke bahaane Dhoondh letii hooñ | मैं अपने ग़म छुपाने के बहाने ढूँढ़ लेती हूँ

  - Divya Bhasin kochar
मैंअपनेग़मछुपानेकेबहानेढूँढ़लेतीहूँ
हाँअक्सरमुस्कुरानेकेबहानेढूँढ़लेतीहूँ
क़फ़समेंक़ैदहूँमानामगरचाहतहैउड़नेकी
परोंकोफड़फड़ानेकेबहानेढूँढ़लेतीहूँ
बरसतादेखकरसावनमचलजाताहैमनमेरा
तभीतोभीगजानेकेबहानेढूँढ़लेतीहूँ
भुलापाईपुरानीबातमैंकोईनहींलेकिन
तेरीयादेंभुलानेकेबहानेढूँढ़लेतीहूँ
तेरीरहमतसेबनताहैमुक़द्दरआजतकमेरा
तेरेदरसरझुकानेकेबहानेढूँढ़लेतीहूँ।
नयाजबज़िंदगीयेरागग़मकाछेड़देतीहै
ग़ज़लफिरगुनगुनानेकेबहानेढूँढ़लेतीहूँ
मनानेकेलिए'दिव्या'यक़ींहैलौटआओगे
मैंतुमसेेरूठजानेकेबहानेढूँढ़लेतीहूँ
  - Divya Bhasin kochar
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