mira maqaam farishton ke bas kii baat nahin | मिरा मक़ाम फ़रिश्तों के बस की बात नहीं

  - divya 'sabaa'
मिरामक़ामफ़रिश्तोंकेबसकीबातनहीं
मैंकाइनातमेंहूँमुझमेंकाइनातनहीं
ग़म-ए-हबीबसेबढ़करग़म-ए-हयातनहीं
येकोईबातहैलेकिनवोकोईबातनहीं
गुलोंकेभेसमेंदेखाहैहमनेख़ारोंको
अभीकीबातहैमाज़ीकेवाक़ियातनहीं
यहाँनज़रभीबड़ेक़ाइदेसेझुकतीहै
दयार-ए-यारहैदिलहरमकीबातनहीं
जोमेरेहुस्नकेजल्वोंसेजगमगासके
मिरेख़यालमेंवोरातकोईरातनहीं
किसेनसीबनहींतेरेलुत्फ़कीदौलत
मुझीपेसिर्फ़तिरीचश्म-ए-इल्तिफ़ातनहीं
येसचहैशे'रमेंएकलफ़्ज़बे-वफ़ाहै'सबा'
मगरवोख़ुदपेसमझतेहैंऐसीबातनहीं
  - divya 'sabaa'
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