gair mumkin hai koii tujh se sarokaar na ho | ग़ैर मुमकिन है कोई तुझ से सरोकार न हो

  - divya 'sabaa'
ग़ैरमुमकिनहैकोईतुझसेसरोकारहो
कौनसीशयहैकिजिस
मेंतिरादीदारहो
मैंनेइकशख़्सकोतेरीहीतरहचाहाहै
याख़ुदामुझसाभीदुनियामेंगुनहगारहो
आजहँसकरजोमिलेहैवोइसेक्यासमझूँ
दिलयेकहताहैकिबे-मौसमीबौछारहो
ऐसेलम्हेभीमुहब्बतमेंकभीआतेहैं
बातहोंठोंपेहोऔरक़ुव्वत-ए-गुफ़्तारहो
जज़्बा-ए-इश्क़जोदिलमेंहैसलामतरहेवो
मेरेआँगनकायेपौधाकभीबीमारहो
ख़ौफ़आताहै'सबा'सोचकेदिलकाआलम
जबवोबाज़ारमेंहोऔरख़रीदारहो
  - divya 'sabaa'
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