dil kii badhti hui betaabi ka hal sochenge | दिल की बढ़ती हुई बेताबी का हल सोचेंगे

  - divya 'sabaa'
दिलकीबढ़तीहुईबेताबीकाहलसोचेंगे
आजकीरातकोईअच्छीग़ज़लसोचेंगे
हमनेइसशानसेग़ुर्बतकेभीदिनकाटेहैं
सदियाँसोचेंगीबरससोचेंगेपलसोचेंगे
मोहलतेंदेगाग़म-ए-इश्क़जहाँतकहमको
हमवहाँतकग़म-ए-दौराँकाबदलसोचेंगे
यादआएगीबहुतझीलसीआँखेंउसकी
जबभीखिलकरमिरेज़ख़्मोंकेकमलसोचेंगे
क्यातग़ज़्ज़ुलकीयेमेराजनहींहैदोस्त
गीतवालेभीयेकहतेहैंग़ज़लसोचेंगे
रुख़बदलतेहुएहालातकेबारेमें'सबा'
हमसोचेंगेतोक्याअहल-ए-दवलसोचेंगे
  - divya 'sabaa'
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