नबनेमुझसेेभीमाक़ूलजवाबातकभी
नगएउसकीनज़रसेभीसवालातकभी
मुझकोकिसशयकीतलबहैमैंबताभीनसकी
औरक़िस्मतनेभीसमझीनमिरीबातकभी
नींदमेंभीनिकलआतेहैंअचानकआँसू
जागजातेहैंअगरख़्वाबमेंजज़्बातकभी
कुछतोहैदिलकोजोबेचैनकिएजाताहै
इसतरहदर्दमेंकटतेनथेदिन-रातकभी
जिसपेआकरदिल-ए-मुज़्तरकोक़रारआजाए
हिजरतोंमेंनहींआतेवोमुक़ामातकभी
कैसेबनतीमैंभलाअहल-ए-जहाँकेजैसी
उसकेमेयारपेउतरीनमिरीज़ातकभी
बज़्म-ए-अग़्यारमेंजानेकामुझेशौक़नहीं
औरमिलतेनहींअपनोंसेख़यालातकभी
अपनेबारेमेंबताऊँभीतोकैसेकि'सबा'
ख़ुदसेहोतीहीनहींमेरीमुलाक़ातकभी