आज दुनिया में क्या नहीं होता

  - divya 'sabaa'
आजदुनियामेंक्यानहींहोता
एतिराफ़-ए-ख़तानहींहोता
दर्दअगरला-दवानहींहोता
ज़िंदगीमेंमज़ानहींहोता
लाखईसारकीजिएलेकिन
इश्क़काहक़अदानहींहोता
ख़ूबकरतेहैंवोगिले-शिकवे
जिनकोपास-ए-वफ़ानहींहोता
जोतुम्हारीतलाशकरताहै
उसकोख़ुदकापतानहींहोता
फ़ैज़हैयहतोतेरीनिस्बतका
पस्तजोहौसलानहींहोता
जबबदलतीहैंवक़्तकीआँखें
आश्नाआश्नानहींहोता
काशमिज़राब-ए-चश्मसेछेड़ो
साज़-ए-दिलबे-सदानहींहोता
कितनेआलमसमाएरखताहै
दिलकीदुनियामेंक्यानहींहोता
क्यूँँ'सबा'एतिबारहैतुमको
ना-ख़ुदातोख़ुदानहींहोता
  - divya 'sabaa'
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