hai lahu shaheedon ka naqsh-e-jaavedaan yaaro | है लहू शहीदों का नक़्श-ए-जावेदाँ यारो

  - Dilkash Sagari
हैलहूशहीदोंकानक़्श-ए-जावेदाँयारो
मक़्तलोंमेंहोतीहैआजभीअज़ाँयारो
सैल-ए-वक़्तहूँमुझकोकौनरोकसकताहै
छीनलोक़लमचाहेकाटलोज़बाँयारो
बाल-ओ-परकीमहरूमीऔरख़ूँरुलातीहै
जबभीदेखलेताहूँसू-ए-आसमाँयारो
इसनिगाह-ए-बहमकोऔरकिससेदूँनिस्बत
नोक-ए-बे-सिनाँयारोतीरबे-कमाँयारो
उनकीबज़्म-ए-रंगींकाअहलतोथालेकिन
कामगईमेरीशोख़ी-ए-बयाँयारो
येभीअपनेमेहवरकीसम्तलौटताहोगा
बे-सबबनहींउठताआगसेधुआँयारो
इससदीनेबख़्शाहैमुझकोएकनयालहजा
मुझसेछुटनहींसकतीजिद्दत-ए-बयाँयारो
  - Dilkash Sagari
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