kitne hue hain KHoon yahaañ ik usool ke | कितने हुए हैं ख़ून यहाँ इक उसूल के

  - Dil Ayubi
कितनेहुएहैंख़ूनयहाँइकउसूलके
आएँगेअबशहर-ए-तमन्नामेंभूलके
सारीमुसाफ़िरतकीथकनदूरहोगई
पेशआएकितनेप्यारसेकाँटेबबूलके
चेहरेहुएजोगर्दतोआईनाबनगए
क्यातुर्फ़ामो'जिज़ातथेसहराकीधूलके
कितनाहसींथाजुर्म-ए-ग़म-ए-दिलकिदो-जहाँ
दरपेहैंआजतकमिरेरंग-ए-क़ुबूलके
नाज़ाँहैज़िंदगीमिरीअबउनकीमौतपर
जोलोगरहगएतिरीबाहोँमेंझूलके
आनेकोथीबसआख़िरीहिचकीमरीज़को
क़ुर्बानजाइएतिरीशान-ए-नुज़ूलके
'दिल'येहालइश्क़मेंहोगाख़बरथी
पछताएहमतोरोगलगाकरफ़ुज़ूलके
  - Dil Ayubi
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