फिरउसकेबा'दबदनथानजानजानमेंथी
अजबचढ़ाईमिरीउम्रकीढलानमेंथी
तुम्हाराअक्समिरेआँसुओंमेंरौशनथा
तुम्हारीशक्लभीहरवक़्तमेरेध्यानमेंथी
तमामउम्रगँवादीतलाशमेंउसकी
जोएकशयनमिरीथीनइसजहानमेंथी
मुझेबयानभीकरतीथींदूसरीआँखें
मिरीज़बानभीशायदकिसीज़बानमेंथी
वोढूँढताथाजहाँपरवहाँनहींथामैं
मिरीकहानीकिसीऔरदास्तानमेंथी
तनाब-ए-इश्क़तिरेहाथहीसेछूटीहै
तूएकउम्रसेमशग़ूलखींच-तानमेंथी
हमारेपैरोंसेखिसकीहुईज़मीं'फ़य्याज़'
उतारलाएउसेहमजोआसमानमेंथी