amaltaas | “अमलतास”

  - KAPIL DEV
“अमलतास”
यादहैअमलतासकावोपेड़
जोतुमकोमैं
दिखायाकरताथा
जिसकेपीलेफूल
बहुतपसंदआएथेतुम्हें.
वोगुलमोहर
जिसकेनीचेबैठकरएकशाम
तुमनेखोलडालेथे
दिलकेसबराज़
मेरेसामने.
वोबेंचजिसपरबैठकर
हमनेआख़िरीसेल्फ़ीलीथी.
वोबेंच,वोगुलमोहर,
वोअमलताससब
आजभीवहींहै.
तुम्हाराशहर
अबबहुतदूरहोगयाहै.
लौटकरसकताथा
तुम्हारेशहरमगर
(जैसेगुलज़ारसाहबकहतेहैं)
रास्तेमेंदरियापड़तेहैं
औरपुलसारेतुमने
जलादिएथे.
  - KAPIL DEV
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