kya bataaun zindagi men kis qadar tanhaa raha | क्या बताऊँ ज़िंदगी में किस क़दर तन्हा रहा

  - Devesh Dixit
क्याबताऊँज़िंदगीमेंकिसक़दरतन्हारहा
क़ाफ़िलोंकेसाथरहकरभीसफ़रतन्हारहा
अबकिसीसेदोस्तीहोतीनहींहैइसलिए
दोस्तोंकोआज़माकरवक़्तपरतन्हारहा
या-ख़ुदापत्थरबनादिलकेमिरेएहसासको
आइनेकीशक्लमेंतोउम्र-भरतन्हारहा
दोदिलोंकेप्यारकाअंजामकुछऐसाहुआ
हारकरमैंख़ुशरहावोजीतकरतन्हारहा
'देव'उनकेरूठनेसेरातगुज़रीइसतरह
नींदउनकोभीआईमैंअगरतन्हारहा
  - Devesh Dixit
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