hadd-e-nazar tak veeraane hain aabaa | हद्द-ए-नज़र तक वीराने हैं आबादी का नाम नहीं

  - Devdas Bismil
हद्द-ए-नज़रतकवीरानेहैंआबादीकानामनहीं
किसरस्तेपेक़दमबढ़ाऊँकोईरस्ताआमनहीं
जलतारेगिस्तानहैहर-सूतुंदहवाएँचलतीहैं
धूधूकरतीहैदो-पहरीसुब्हनहींहैशामनहीं
सारीउम्रगुज़ारीमैंनेख़ूनकेआँसूपीपीकर
ख़ुशियोंकेदोघूँटपिलादेऐसाकोईजामनहीं
तन्हाहूँमैंइसदुनियामेंकोईनहींहैमेरेसाथ
किसकोअबआवाज़लगाऊँकुछभीतोअंजामनहीं
दरदरजाकरदस्तकदीहैपरइकदरभीवाहुआ
हर-सूख़ामोशीहै'बिस्मिल'कहींसेकुछपैग़ामनहीं
  - Devdas Bismil
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