बसथोड़ीसीऔरहवादोकान्हाजी
नफ़रतकीदीवारगिरादोकान्हाजी
जानेकबसेदिलकादरियासूखाहै
प्रेमकीइस
मेंधारबहादोकान्हाजी
जबभीउससेेमिलनेकीख़्वाहिशजागे
उसदिनकोइतवारबनादोकान्हाजी
कबतकयूँँहीनादानोंकाभटकेगा
दिलकोज़िम्मेदारबनादोकान्हाजी
मैंभीउसकासुखदुखथोड़ाबाँटसकूँ
इतनासाअधिकारदिलादोकान्हाजी
कबसेमैंइसमोहभँवरमेंअटकाहूँ
मुझकोगंगापारलगादोकान्हाजी