राततेरीमिरीआरज़ूओंकामस्कनयेरात
घूरकालीसियहबादलोंसेअटी
तेरेमेरेगुनाहोंसवाबों
सवालोंजवाबोंसेआरीयेरात
ख़ूनकीहिद्दतोंमेंदहकतीहुई
सारेख़्वाबोंकाईंधनबनातीहुई
रतजगोंकीचिता
जोतिरीमेरीआँखोंमेंभड़की
भड़ककेबुझी
सारी'उम्रोंकेदुख
आतीजातीहरइकसाँसमेंहैंसँभालेहुए
साँसजोआसकीदोस्तीकोभुलाभीचुकी
धीरेधीरेसिमटतीहुई
किनयुगोंपरनज़रकोजमाएहुए
बर्फ़होनेलगी
रातवा'देसभीअसलके
जोनपूरेहुए
क्यूँँकिए
कोरआँखेंभिकारीबनीहैं
मुजस्समसवालीबनीहैं
ख़मोशीकाकासालिए
वस्लकीरेज़गारीकेहैंमुंतज़िर
छनछनन
कोईआवाज़कोईभी
ख़ुशियोंकेसकूँसेलबरेज़आवाज़
आँखेंसुनीं
कैसेलेकिनसुनीं
सुरमईशामअपनालबादाबदलभीचुकी
रातआई
येडोलीनहींकुछजनाज़ेउठाएहुए
सारेवा'देभुलाएहुए
शहर-ए-अफ़्सोस
एकमातमलहूकीरवानीमेंहै
राखहीराखआँखोंकेपानीमेंहै