ai be-niyaaz-e-shauq-e-faraavaan kahaan hai tu | ऐ बे-नियाज़-ए-शौक़-ए-फ़रावाँ कहाँ है तू

  - Davarka Das Shola
बे-नियाज़-ए-शौक़-ए-फ़रावाँकहाँहैतू
निगहत-ए-शमीम-ए-बहाराँकहाँहैतू
बाइ'स-ए-फ़रोग़-ए-गुलिस्ताँकहाँहैतू
रौनक़-ए-वजूद-ए-ख़याबाँकहाँहैतू
पथरागईहैंआँखेंतिरेइंतिज़ारमें
कुछतोबताकिमह-ए-ताबाँकहाँहैतू
वोतेरेशौक़-ए-नग़्मा-सराईकोक्याहुआ
यारनग़्मा-रेज़-ओ-ग़ज़ल-ख़्वाँकहाँहैतू
तेरेबग़ैरकुछनहींलुत्फ़-ए-शराब-ओ-शे'र
निगहत-ए-लतीफ़-ए-ख़याबाँकहाँहैतू
हाँतेरेदमसेरौनक़-ए-बज़्म-ए-वजूदथी
रौशनी-ए-शम-ए-फ़रोज़ाँकहाँहैतू
तेरेबग़ैरख़ाक-बसरफिररहाहूँमैं
मेरेबग़ैरसर-ब-गरेबाँकहाँहैतू
  - Davarka Das Shola
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy