dil-e-be-muddaa ka muddaa kya | दिल-ए-बे-मुद्दआ का मुद्दआ' क्या

  - Davarka Das Shola
दिल-ए-बे-मुद्दआकामुद्दआ'क्या
उसेयकसाँरवाकियानारवाक्या
जिन्हेंहरसाँसभीइकमरहलाहै
उन्हेंरासआएदुनियाकीहवाक्या
कोईसुनतानहींहैमुफ़लिसोंकी
ग़रीबोंकापयम्बरक्याख़ुदाक्या
निगाह-ए-दोस्तमेंजचतानहींजब
तोफिरमैंक्यामिराज़ेहन-ए-रसाक्या
बड़ाअच्छाकियाआजगएतुम
चलोछोड़ोआएकलहुआक्या
जोख़ुददस्त-ए-तलबफैलारहाहो
सखीभीहोतोउसकाआसराक्या
अगरमजबूरहैजीनेपरइंसाँ
तोफिरकैसेकटेयेसोचनाक्या
  - Davarka Das Shola
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy