diya fareb tamannaa ko har gha | दिया फ़रेब तमन्ना को हर घड़ी मैं ने

  - Daulat Ram Sabir Panipati
दियाफ़रेबतमन्नाकोहरघड़ीमैंने
मुरादमनकीपाईमगरकभीमैंने
उमीद-ओ-बीमसेदिलकोनजातमिलसकी
गुज़ारदीहैतज़ब्ज़ुबमेंज़िंदगीमैंने
ख़िरदकारागमिरेग़मसेदादपासका
जुनूँकोसौंपदियासाज़-ए-आगहीमैंने
बुलाकेमुझकोसर-ए-बज़्मबे-हिजाबकिया
तिरेकरमकीहक़ीक़तभीदेखलीमैंने
विसाल-ओ-हिज्रकेझगड़ोंसेबे-नियाज़हूँमैं
इसीमेंदेखीहैलेदेकेबेहतरीमैंने
तिरेजुनूँकेतअ'ल्लुक़मैंक्याकहूँ'साबिर'
तुझेक़रीबसेदेखानहींअभीमैंने
  - Daulat Ram Sabir Panipati
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