agar vo gul-badan mujh paas ho jaave to kya hove | अगर वो गुल-बदन मुझ पास हो जावे तो क्या होवे

  - Daud Aurangabadi
अगरवोगुल-बदनमुझपासहोजावेतोक्याहोवे
ज़मीन-ए-दिलमेंतुख़्म-ए-इश्क़बोजावेतोक्याहोवे
सनमतुझज़ुल्फ़केज़ुन्नारकेरिश्तेमेंज़ाहिद
अपसकेसुब्हा-गर्दानीकूँखोजावेतोक्याहोवे
पिलाजाम-ए-शराब-ए-ऐशवोसाक़ी-ए-बज़्म-आरा
ग़ुबार-ए-ग़मकूँलौह-ए-दिलसूँहोजावेतोक्याहोवे
बयाँकरताहूँमैंतुझज़ुल्फ़-ए-मुश्कींकासनमनिसदिन
ख़ुतनमेंगरसुख़नमेरेकीबूजावेतोक्याहोवे
सदामश्क़-ए-जुनून-ए-इश्क़मेंरहताहैसौदाई
अगर'दाऊद'कीयूँज़िश्त-ख़ूजावेतोक्याहोवे
  - Daud Aurangabadi
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