soorat-e-haal ab to vo naqsh-e-khyaali ho gaya | सूरत-ए-हाल अब तो वो नक़्श-ए-ख़याली हो गया

  - Dattatriya Kaifi
सूरत-ए-हालअबतोवोनक़्श-ए-ख़यालीहोगया
जोमक़ाममा-सिवाथादिलमेंख़ालीहोगया
मुमतन'अजोथावोहैज़ेब-ए-बदाहतक़ल्बको
जोयक़ीनीअम्रथावोएहतिमालीहोगया
छोड़ीख़ुद-बीनीतोअबहरशयमेंहुस्नआयानज़र
दीदा-ए-हक़-बींजलालीसेजमालीहोगया
ज़ौक़-ए-नज़्ज़ारायेहैआँखोंपरअबरखताहूँमैं
ज़र्रेज़र्रेकोजोनज़्र-ए-पाएमालीहोगया
ज़ोमऔरपिंदारकाहक़-उल-यक़ींसेहैबदल
वोघरोंदाअबतोफ़ानूस-ए-ख़यालीहोगया
आँखउठकरहुस्न-ए-क़ुदरतसेजोअपनेपरगई
सबख़ुदीकारंगरंग-ए-इंफ़िआलीहोगया
पहलेइसमेंसरथासमसामइश्क़औरजानथी
क्यूँँकिमिलतातुझसेअबहाथख़ालीहोगया
ग़ैरत-ए-दिल-दादा-ओ-दिल-दारकीजातीरही
अबतोजोहोनाथाआक़ा-ए-आलीहोगया
वजह-ए-इल्म-ए-ज़ातहोक्यूँँकरइरफ़ान-ए-सिफ़त
क्याअर्ज़कीशानजबजौहरसख़ालीहोगया
जोरहाख़ुद्दारहोनेपरख़ुदीसेदूरदूर
वोदयार-ए-इश्क़दिल-सोज़ीकावालीहोगया
हैख़ताउसकोअगर'आशिक़कहोतुमजिसकाइश्क़
ख़त्मजबउसनेमुरादइकअपनीपालीहोगया
जज़्बा-ए-ईसारक्याक़ुव्वतअमलकीफिरकहाँ
जबशुऊरइंसाँकासर्फ़-ए-ला-उबालीहोगया
क़दामत-केशसुनयेआलम-ए-ईजादहै
नामजिद्दतकाअज़लमेंला-यज़ालीहोगया
छोड़करलुत्फ़-ए-सुख़नमग़्ज़-ए-सुख़नसेकामलो
क्याहुआ'कैफ़ी'जोगर्म-ए-ख़ुश-मक़ालीहोगया
  - Dattatriya Kaifi
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