fida allah ki khilqat pe jis ka jism o jaañ hogaa | फ़िदा अल्लाह की ख़िल्क़त पे जिस का जिस्म ओ जाँ होगा

  - Dattatriya Kaifi
फ़िदाअल्लाहकीख़िल्क़तपेजिसकाजिस्मजाँहोगा
वहीअफ़्साना-ए-हस्तीकामीर-ए-दास्ताँहोगा
यक़ींजिसकाकलाम-ए-क़ुद्सअज्र-उल-मोहसिनींपरहो
निको-कारीकाउसकीक़ाएलइकदिनकुलजहाँहोगा
हयात-ए-जावेदानीपाएगावोइश्क़-ए-सादिक़में
जोअन्क़ाकीतरहमादूमहोगाबे-निशाँहोगा
सफ़रराह-ए-मोहब्बतकाचहल-क़दमीसमझतेहो
अभीदेखोगेतुमइकइकक़दमपरहफ़्त-ख़्वाँहोगा
हमेंगुलज़ार-ए-जन्नतहैअज़ीज़ोबाग़-ए-दिलअपना
समझतेहोकिजाँ-परवरहैसेहन-ए-गुलिस्ताँहोगा
जोईसारऔरहमदर्दीशिआरअपनाबनालोगे
तोकाँटाभीतुम्हेंरश्क-ए-गुल-ए-बाग़-ए-जिनाँहोगा
येक़िस्साशम्अपरवानेकाबसमा-वशातकहै
वोहोजाएगाबज़्म-आरातोफिरकोईकहाँहोगा
अदा-ए-फ़र्ज़बर-हक़परखपादोदोस्तोजाँतक
येवोसौदाहैआख़िरकोनहींजिसमेंज़ियाँहोगा
अज़लसेवाइज़ोकेक़ौलदुनियासुनतीआईहै
अमलकावक़्तभीकोईकभीमेहरबाँहोगा
तग़ाफ़ुलऔरसितमकेबदलेहैअंदाज़दिलदारी
सँभलशौक़-ए-बे-पायाँतिराअबइम्तिहाँहोगा
तही-दस्तान-ए-क़िस्मतकोतोदमलेनाक़यामतहै
यहाँकुछहोगयाइंसाफ़-ए-आशिक़जोवहाँहोगा
समझोखेलइसकोबज़्म'कैफ़ी'मेंवोजादूहै
यहाँगरज़ाहिद-ए-ख़ुश्कआएगापीर-ए-मुग़ाँहोगा
  - Dattatriya Kaifi
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