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Danish Balliavi
tere lafzon men KHushboo ki koi taaseer thodii hai
tere lafzon men KHushboo ki koi taaseer thodii hai | तेरे लफ़्ज़ों में ख़ुशबू की कोई तासीर थोड़ी है
- Danish Balliavi
तेरे
लफ़्ज़ों
में
ख़ुशबू
की
कोई
तासीर
थोड़ी
है
कोई
भी
आ'ला
दर्जे
की
तेरी
तहरीर
थोड़ी
है
ग़लत
लफ़्ज़ों
का
इस्तेमाल
मत
कर
अपनी
ग़ज़लों
में
अदब
ये
तेरे
अब्बा
की
कोई
जागीर
थोड़ी
है
- Danish Balliavi
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कोर्ट
में
तारीख़
के
ये
सिलसिले
चलते
रहे
और
वो
लड़की
वहाँँ
पर
शर्म
से
ही
मर
गई
Sunny Seher
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इक
तो
ये
नूर
उस
पे
मेरी
शर्म
भी
अलग
तू
सामने
रहा
तो
निगह
उठ
न
पाएगी
shaan manral
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हर
किसी
से
ही
मुहब्बत
माँगता
है
दिल
तो
अब
सब
सेे
अक़ीदत
माँगता
है
सीख
आया
है
सलीक़ा
ग़ुफ़्तगू
का
मुझ
सेे
मेरा
दोस्त
इज़्ज़त
माँगता
है
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अदब
ता'लीम
का
जौहर
है
ज़ेवर
है
जवानी
का
वही
शागिर्द
हैं
जो
ख़िदमत-ए-उस्ताद
करते
हैं
Chakbast Brij Narayan
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तुझको
बतलाता
मगर
शर्म
बहुत
आती
है
तेरी
तस्वीर
से
जो
काम
लिया
जाता
है
Tehzeeb Hafi
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जिसका
तारा
था
वो
आँखें
सो
गई
हैं
अब
कहाँ
करता
है
मुझ
पर
नाज़
कोई
Aalok Shrivastav
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ज़िंदा
रहने
की
ये
तरक़ीब
निकाली
हमने
बात
बिगड़ी
हुई
कुछ
ऐसे
सँभाली
हमने
उस
सेे
समझौता
किया
है
उसी
की
शर्तों
पे
जान
भी
बच
गई
इज़्ज़त
भी
बचा
ली
हमने
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Divyansh Shukla
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शुमार
अपना
भी
हो
जाए
अदब
के
नाम
चीनों
में
ख़ुदा
कुछ
शे'र
कहला
दे
अगर
मुश्किल
ज़मीनों
में
मैं
फ़न्न-ए-शा'इरी
पर
इसलिए
क़ुर्बान
हूँ
रहबर
नहीं
मिलता
ये
गौहर
बादशाहों
के
ख़ज़ीनों
में
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Moid Rahbar
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मोहब्बत
के
इक़रार
से
शर्म
कब
तक
कभी
सामना
हो
तो
मजबूर
कर
दूँ
Akhtar Shirani
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उन
रस
भरी
आँखों
में
हया
खेल
रही
है
दो
ज़हर
के
प्यालों
में
क़ज़ा
खेल
रही
है
Akhtar Shirani
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वो
कभी
दर-ब-दर
नहीं
आती
मैं
जहाँ
हूँ
उधर
नहीं
आती
कोशिशें
लाख
मैं
भी
करता
हूँ
उसके
अंदर
सियर
नहीं
आती
ढूँढता
हूँ
मैं
भीड़
में
उसको
उसकी
सूरत
नज़र
नहीं
आती
हर
जगह
वो
बुलाती
है
मुझको
जाने
क्यूँ
मेरे
घर
नहीं
आती
याद
करती
है
वो
ज़रा
मुझको
ऐसी
कोई
ख़बर
नहीं
आती
दिल
मिरा
तोड़
के
वो
हँसती
है
शर्म
उसको
मगर
नहीं
आती
रहता
है
ख़ूब
मुंतज़िर
''दानिश''
अपने
वो
बाम
पर
नहीं
आती
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Danish Balliavi
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मैंने
किसी
भी
शख़्स
को
धोखा
दिया
नहीं
सब
लोग
जानते
हैं
कि
मैं
बे-वफ़ा
नहीं
Danish Balliavi
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दिल
का
बस
इक
राज़
चुपके
से
बताना
है
मुझे
बारिशों
में
साथ
तेरे
जाँ
नहाना
है
मुझे
Danish Balliavi
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पहले
तू
अपने
प्यार
में
इक
दिल
तलाश
कर
फिर
अपने
प्यार
के
लिए
मंज़िल
तलाश
कर
Danish Balliavi
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न
हमने
दी
है
कभी
इश्क़
में
दग़ा
उसको
ज़रा
भी
रास
न
आई
है
ये
वफ़ा
उसको
हमारे
प्यार
की
'दानिश'
यही
निशानी
है
वो
बे-वफ़ा
है
मगर
देंगे
हम
दु'आ
उसको
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Danish Balliavi
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